वर्कफ्राॅम होम एवं टास्क के नाम पर फरियादिया को ब्लेकमेल कर 9,11,884/-रूपये की धोखाधडी करने वाले मुख्यआरोपी सहित 03 आरोपियो को सायबर क्राईम भोपाल की टीम द्वारा हल्दवानी उत्तराखण्ड से किया गिरफ्तार।*
वर्कफ्राॅम होम एवं टास्क के नाम पर फरियादिया को ब्लेकमेल कर 9,11,884/-रूपये की धोखाधडी करने वाले मुख्यआरोपी सहित 03 आरोपियो को सायबर क्राईम भोपाल की टीम द्वारा हल्दवानी उत्तराखण्ड से किया गिरफ्तार।*
आरोपी फरियादियोे को वाट्सअप के माध्यम से टास्क एवं वर्कफ्राॅम होम के भेजते है मेसेज।
आरोपी करते है वैटिंग वेबसाइट के खातो का उपयोग।
आरोपी क्विकर एवं ओएलएक्स से खरीदते है लोगो का डाटा
चैन तोडने के लिये आरोपी द्वारा विभिन्न खातो में पैसा आॅनलाइन ट्राॅसफर किया जाता है।
भोपाल. 08 फरवरी 2024- पुलिस आयुक्त श्री हरिनारायणाचारी मिश्र, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त(अपराध एवं मुख्यालय) श्री अनुराग शर्मा एवं पुलिस उपायुक्त अपराध श्री श्रुतकीर्ति सोमवंशी, अति. पुलिस उपायुक्त अपराध श्री शैलेन्द्र सिंह चैहान के मार्गदर्शन एवं सहायक पुलिस आयुक्त सायबर श्री सुजीत तिवारी के दिशानिर्देशन में सायबर क्राईम ब्रान्च जिला भोपाल की टीम द्वारा वर्कफ्राॅम होम एवं टास्क के नाम पर फरियादिया के साथ 9,11,884/-रूपये की धोखाधडी करने वाले मुख्य आरोपी सहित 03 आरोपीगणो को हल्दवानी उत्तराखण्ड से किया गिरफ्तार।
*घटनाक्रम-* दिनांक 09 नवम्बर 2023 को फरियादिया प्रियंका कुमारी निवासी शक्ति नगर, भोपाल वीआईटी काॅलेज भोपाल के द्वारा सायबर क्राइम ब्रान्च जिला भोपाल में लिखित षिकायत आवेदन दिया था कि फरियादिया को दिनांक 17.09.2023 को वाट्सअप पर अज्ञात मोबाइल नंबर से एक मेसेज आया जिसमें वर्क फ्राॅम होम के लिये मुझे जाॅब आॅफर किया गया। जिसमें कंपनी का नाम असाइनमेण्ट आईएमटी कंपनी का पता षिवाजी नगर पुणे का बताया गया था जिसमेें कंपनी के द्वारा 300/-रूपये प्रतिपेज टायपिंग का काम बताया गया था। जिसमें कंपनी के द्वारा रजिस्ट्रेशन हेतु फरियादिया का आधार कार्ड, नाम, पता, परिवार की जानकारी एवं मोबाइल नंबर मांगा गया था जो फरियादिया के द्वारा कंपनी के वाट्सअप पर भेज दिया। उसके बाद कंपनी के द्वारा रजिस्ट्रेशान हेतु 750/-रूपये मांगे गये जो फरियादिया ने स्वयं के एक्सिस बैंक खाता से दिनांक 17.09.2023 को कंपनी के द्वारा दिये गये क्यूआर कोड पर यूपीआई के माध्यम से आॅनलाइन भेज दिये। उसके बाद टेक्नीकल डिपार्टमेण्ट से क्लीयरेंस एवं अन्य कार्यो के लिये कंपनी के द्वारा फरियादिया से दिनांक 17.09.2023 को 1899$2999$3000 रूपये लिये गये। जिसमें कंपनी के द्वारा बताया गया कि आप कंटेण्ट नोट पेड में टाइप करके (असाइनमेण्ट आईएमटी) नाम की कंपनी के एपलीकेशन पर अपलोड कर सकती हैं।
इसके बाद उन्होने एग्रीमेण्ट व वेलकम लेटर फरियादिया की ई-मेल आईडी पर ई-मेल आईडी से भेजा। उसके बाद कंपनी के द्वारा फरियादिया से और पैसो की मांग की गई तो फरियादिया ने कंपनी को पैसे देने से मना कर दिया और कंपनी में काम करने से भी मना कर दिया तब कंपनी के कर्मचारियों द्वारा विभिन्न मोबाइल नंबरों के द्वारा फरियादिया को वाट्सअप पर फोन कर बोला कि यदि तुम और पैसे नही दोगी तो हम लोग तुम्हे एवं तुम्हारे परिवार के सदस्योे फरियादिया के पापा व मम्मी को जान से मार देगे। जब कंपनी के कर्मचारियो के द्वारा फरियादिया एवं परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी गई तो फरियादिया ने उनके द्वारा मांगे जाने पर स्वयं एवं परिचितो के बैंक खातो से कुल लगभग 911884/-रूपये विभिन्न बैंक खातो आॅनलाइन जमा करवाये गये।
इस प्रकार फरियादिया के साथ 9,11,884/-रूपये की धोखाधडी की गई। शिकायत आवेदन में आये तथ्यों एवं प्राप्त तकनीकि जानकारी के आधार पर अपराध क्रमांक 159/2023 धारा 420,507 भादवि का पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया।
तरीका वारदातः- आरोपी मो. करीम सिद्दीकि क्विकर एवं ओएलएक्स से लोगो का डाटा आॅनलाइन खरीदता था एवं लोगो को वाट्सअप पर वर्कफ्राॅम होम के मेसेज भेजता था और जो कोई भी आरोपी से वर्कफ्राॅम होम के लिये संपर्क करता था तब आरोपी उनसे टायपिंग संबंधी कार्य के लिये रजिस्ट्रेशन एवं टेक्नीकल वेरीफिकेशन के नाम पर आॅनलाइन पैसे जमा करवा लेता है। उसके बाद फरियादियो को दिये गये टायपिंग टास्क में श्रुटि निकाल पैसो की मांग की जाती है। जब फरियादिया के द्वारा पैसे देने से मना किया जाता है तो आरोपी के द्वारा फरियादिया
को धमकी भरे मेसेज भेजकर ब्लेकमेल कर पैसो की मांग की जाती है। आरोपी मो. करीम सिद्दीकि के द्वारा विवेचना संबंधी चेन को तोडने के लिये फरियादिया से पैसा वेटिंग वेबसाइट के बैंक खातो में लिया जाता था।
उसके बाद आॅनलाइन बेटिक खेलकर अन्य खातो में ट्राॅसफर करवा लिया जाता था। खातो में पैसा आने पर आरोपी मो. सादिक अंसारी के द्वारा तत्काल एटीएम से नगद निकाल लिया जाता था और अन्य आरोपी सीएससी संचालक के द्वारा स्वयं नगद निकाला लिया जाता था। मुख्य आरोपी मो. करीम सिद्दीकि पूर्व में दिल्ली में काॅल सेण्टर में काम कर चुका है।
पुलिस कार्यवाहीः- सायबर क्राईम जिला भोपाल की टीम द्वारा अपराध कायमी के पश्चात तकनीकि एनालीसिस के आधार पर प्राप्त साक्ष्यो के आधार पर अपराध कारित करने में उपयोग किये गये वाट्सअप मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी के वास्तविक उपयोगकर्ताओं की जानकारी प्राप्त की गई। जो हन्दवानी जिला नैनीताल उत्तराखण्ड की प्राप्त हुई। प्राप्त तकनीकि जानकारी के आधार पर मुख्य आरोपी मो. करीम सिद्दीकि सहित 03 आरोपीगणों को हल्दवानी जिला नैनीताल उत्तराखण्ड से गिरफ्तार किया गया एवं अपराध में प्रयुक्त 03 मोबाइल फोन, 05 सिम कार्ड, 03 एटीएम कार्ड, 01 इंटरनेट राउटर एवं 15100/-रूपये नगद जप्त किया गया है।
पुलिस टीमः- उनि देवेन्द्र साहू, सउनि पी. चिन्नाराव, प्र.आर. 7008 तेजराम सेन, प्र.आर. 3418 आदित्य साहू, आर. 3572 जितेन्द्र मेहरा, आर. 2175 यतिन चैरे एवं थाना बनभूलपुरा हल्दवानी से थाना प्रभारी नीरज भाकुनी, उनि मनोज यादव, आर. परवेज खान।
-ःनाम आरोपीगणः-
स.क्र. नाम आरोपी शिक्षा जाहिरा व्यवसाय अपराध में संलिप्पता
1 मो. करीम सिद्दीकि निवासी बनभूलपुरा हल्दवानी जिला नैनीताल उत्तराखण्ड 12वीं सायबर धोखाधडी करना वाट्सअप एवं ई-मेल के माध्यम से लोगो से संपर्क कर धोखाधडी करना
2 मो. साकिब अंसारी निवासी आजाद नगर थाना बनभूलपुरा हल्दवानी जिला नैनीताल उत्तराखण्ड 12वीं किराना दुकान चलाना फर्जी खाते खुलवाकर पैसे आने पर एटीएम से निकालना
3 मो. अदनान निवासी आजाद नगर थाना बनभूलपुरा हल्दवानी जिला नैनीताल उत्तराखण्ड स्नातक सीएससी सेण्टर संचालित करना स्वयं के खातो में पैसे लेकर तुरन्त निकालना
नोटः. सायबर काईम संबंधित घटना घटित होने की सूचना भोपाल सायबर क्राइम के हेल्पलाइन नम्बर 9479990636 अथवा राष्ट्रीय हेल्पलाईन नंबर 1930 पर दे
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